दिल्ली प्रदूषण
पटाखों वाली दीवाली चली गयी और इन दिनों फिर से दिल्ली वायु प्रदूषण बहुत ख़बरों में है ....वैसे ये कोई नयी बात नहीं....दिसम्बर २०१७ में भारत श्रीलंका के बीच मास्क पहन के खेला जाने वाला टेस्ट मैच तो याद ही होगा आपको।....अब फिर से लोग Smog हैश्टैग लगा कर राजधानी की तस्वीरें सोशल मीडिया पर पेल रहे हैं.....पता सबको होगा ही कि स्मॉग प्रदूषित हवा का वो मिश्रण है जो धूएँ और कोहरे के मिलने से बनता है इसलिए ज़ाहिर सी बात है कि ये समस्या उत्तरी भारत में मिलती है....ख़ासकरके उन गाँवों के क़रीब बसे शहरों में जहाँ खेतों में पूली/पराली जला दी जाती है। इस से ना केवल ज़मीन की उपजाऊ क्षमता को नुक़सान पहुँचता है बल्कि वातावरण में स्मॉग भरपूर मात्रा में बनता है जिससे वातावरण प्रदूषित होने के साथ साथ समीपीय सड़क और राजमार्गों के यातायात को दृष्टिबाधा भी पहुँचती है.........मेरा ख़्याल है हम सब लोग एक ऐसे हिप्पोक्रेट समाज का हिस्सा हैं जहाँ समय समय पर नदियों में मेले लगते हैं ...नदियों की पूजा के बहाने उन्हें प्रदूषित भी भरपूर मात्रा में किया जाता है .... संसद में असंसदीय भाषा का इस्तेमाल होता है २-४ कुर्सिय...