पिता के जन्मदिन के अगले दिन
कल पापा का जन्मदिन था .....उन्हें एक चिट्ठी भी लिख कर भेजी है कल .....ये शायद पहली चिट्ठी है जो मैंने पापा के लिए लिखी। फ़ेस्बुक पर कुछ तस्वीरें भी साझा की थी, उनमें से एक तस्वीर पर कुछ लिखा था ...सोचा यहाँ ब्लॉग पर भी साझा कर लूँ.... हाँ ,ये बाजुएँ वही हैं जिन्होंने ताउम्र मुझे कुव्वत-ए-परवाज़ दी। हाँ ये घड़ी वही है जिसने ख़ुद थोड़ा थम कर मेरे समय को ख़ुद से आगे निकलने के मौक़े दिए। हाँ, मेरे भविष्य की खेती को सींचने वाला मेरे पिता की पीठ पर आया ये पसीना भी बहुत ख़ास है और कमरतोड़ मेहनत से लथपथ इस बुशर्ट पर दुनिया की तमाम बादशाहतें क़ुर्बान........ Happy Birthday Papa......love you so much.