मन जीते - जग जीत



कल गर्व के स्कूल में स्पोर्ट्स डे की कोई रेस थी और सब बच्चों को उस हिसाब से ट्रैक सूट पहन कर आने की हिदायत दी गई थी।....हमारा गर्व परसों रात से ही ट्रैक सूट पहनाने की ज़िद पर अड़ गया। ख़ैर ! जैसे तैसे रात बीती।....कल ख़ुशी ख़ुशी स्कूल गया...जाने से पहले का ये फोटोशूट है....मुझे फ़ोन पर आवाज़ record करके भेजी कि “मामा मैं प्लेअर बन गया ! मैं मिल्खा सिंह बन गया!”....मेरा तो आवाज़ सुन कर ही दिन बन गया था।.. ...छुट्टी होने पर घर आया तो बोला कि i am winner...मैं जित्त गया!...मैं फ़र्स्ट आया!....इसके टीचर्ज़ से पूछने पर पता चला कि ये रेस में दौड़ता था और जब सब इसके साथ दौड़ने लगते तो रुक कर उन्हें देखता और ख़ुश होता।....इतनी कम उम्र में इसकी इस सरलता पर बहुत सारा प्यार और अशेष शुभकामनाएँ क्यूँकि आजकल की गलाकाट प्रतिभागिता में जिस रशक से हम एक दूसरे से आगे निकल कर जीतना चाहते हैं .....हमें मेरी इस प्यारी सी नन्ही जान ‘गर्व’ से बहुत कुछ सीखने की ज़रूरत भी है और अनुसरण करने की आवश्यकता भी।...मुझे ख़ुशी है कि इस आत्मिक सुख के साथ वो सच में सबसे जीत गया है और आगे भी बहुत सी दौड़ें अपने मन के बूते जीत ले।

#Bhanja_Love

#Lesson_Of_Happiness






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