21 days Lock Down
जब व्यस्त होते हैं तब बहुत कुछ आता है मन में कि फुर्सत हो तो ये करेंगे वो करेंगे और उस दौरान बहुत कुछ एक्स्ट्रा करने की कोशिश भी करते हैं।......और अब जब पता है कि 21 दिन बहुत लंबा समय है बहुत कुछ किया जा सकता है तो कुछ भी करने का मन नहीं।....मेरी स्केच बुक और डायरियां भी बम्बई रह गयी।...घर पर हालांकि एक दर्जन बिना पढ़ी किताबें अलमारी में पड़ी हैं लेकिन कुछ मन नहीं कर रहा।....कुछ एक क्षणिकाएँ भी लिखने को पड़ी हैं लेकिन क्या पता लिखी जायेंगी या नहीं..... star maker पर भी बहुत दिन से कुछेक गीत गाने के बाद समय की किल्लत होने के कारण कोई गीत नहीं गाया।.. Yourquote भाई साब भी रोज़ नोटिफिकेशन भेज रहे हैं कि कुछ तो लिख दो बंधु।.......पुलिस की गाड़ियाँ सुबह शाम बाहर से गुजरती हैं।.... चारों ओर इराक के युद्ध सरीखी शांति पसरी है.... इक्का दुक्का दुपहिया वाहन जब इस शांति को तोड़ते हैं तो हैरान हुए बिना नहीं रहा जाता। लगता है जैसे धरती सूरज के चक्कर लगाना भूल गई हो और चंद्रमा डर के मारे किसी बिल में घुस गया हो।....अब अखबार भी घर पर नहीं आता। बस घर वाले आपस में मिल जुल कर बैठते हैं और खाना खा कर जैसे - डिसमिस!!.....अब सोचता हूँ इतनी शांति के बाद जब सब कुछ पहले जैसा होगा तो क्या हम सब सह पाएंगे वही शोर, वही प्रदूषण ,वही भीड़ ,वही चेहरे वही धकमधक्का, वही होड़, वही प्रतिस्पर्धा...... जाने क्यूँ ये समय अच्छा भी है और बुरा भी।....
DrGurpreet Singh/ 25.03.2020
DrGurpreet Singh/ 25.03.2020
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