नाम को सार्थक करती शख़्सियत- डॉ. सागर
शुक्रिया Geeta इतने ज़िंदादिल इंसान से मिलवाने के लिए।.... आप उत्तर प्रदेश के बलिया से आते हैं , जेएनयू से पी.एच.डी. हैं और हिंदी सिनेमा में गीत लिखते हैं।...... इतना सब काफ़ी ही था इस शैदाई का आप पर मंत्रमुग्ध होने को।आपने भी उतनी ही गर्मजोशी से इस ख़ाकसार का स्वागत किया।.....वरसोवा स्थित आपके निवास स्थान पर कल 09 मार्च की दोपहर का समय कैसे बीता ,पता ही नहीं चला। बातचीत में आपकी भागीदारी ,बराबरी और मशगूलता के जिस स्तर पर होती है , कहना मुश्किल है कि पहली बार मिले। .......बात इतने इत्मिनान से सुनते कि बीच बीच में मेरे हास्य पर बड़े भाई की तरह खिलखिला कर हँस देते।..... हज़ारों साल जीती बसती रहें ऐसी जीवट शख़्सियतें, जिनके पदचिन्ह कामयाबी की राह में मील प्रस्तर से हैं और प्रकाश पुंज से आने वाली पीढ़ियों की राहों को आलोकित करेंगे।
DrGurpreet Singh/ बम्बई डायरी/ 09.03.2020






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