09 जून - गर्व का जन्मदिन
आज मेरे भाँजे गर्व प्रताप का चौथा जन्मदिन है। मुझसे बहुत निकटता होने के कारण गर्व मुझे बहुत प्यारा दुलारा भी है। फ़ेसबुक पर यदाकदा उसकी अठखेलियों और नन्हे मासूम वाकयों का ज़िक्र फ़ोटो सहित करता ही रहता हूँ। यहाँ मेरे लाडले के लिए लिखी मेरी इक नज़्म ही साझा करूँगा, ये नज़्म मेरे ज़ेहन में तब उतरी जब एक बार कार में मेरी गोद में सफ़र करते हुए मैंने अपनी घड़ी गर्व के हाथ में बाँध दी थी।
उस दिन
तुम्हारे हाथ पर बँध,
तुम्हारी नन्ही सी
कलाई का
स्पर्श पा
मेरी ये घड़ी
सच में
कुछ पल के लिए
रुक गई थी।
तुम्हारी ज़िद
जैसे
कई काल खंड
एक साथ
कायनात की
सारी नेमतें ले कर
उस पल
मेरी घड़ी में
एक साथ
धड़क गये हों जैसे .......
मेरी धड़कन ....मेरे गर्व!
~तुम्हारा मामा DrGurpreet Singh.....मेरी रूह की खुराक को जन्मदिन मुबारक हो। बहुत ऊँचा उठो बहुत तरक़्क़ी करो।
उस दिन
तुम्हारे हाथ पर बँध,
तुम्हारी नन्ही सी
कलाई का
स्पर्श पा
मेरी ये घड़ी
सच में
कुछ पल के लिए
रुक गई थी।
तुम्हारी ज़िद
जैसे
कई काल खंड
एक साथ
कायनात की
सारी नेमतें ले कर
उस पल
मेरी घड़ी में
एक साथ
धड़क गये हों जैसे .......
मेरी धड़कन ....मेरे गर्व!
~तुम्हारा मामा DrGurpreet Singh.....मेरी रूह की खुराक को जन्मदिन मुबारक हो। बहुत ऊँचा उठो बहुत तरक़्क़ी करो।

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