अन्वी का चाचू





बच्चों का विशेष लगाव रहता है मेरे साथ। शायद मेरा उनके प्रति प्रेम उन्हें दिख जाता है।मेरे बचपन के दोस्त विपिन की बेटी ‘अनवी’ अपने चाचा के साथ इन तस्वीरों में.... .....विपिन और मैं 2006 में बारहवीं के बाद पहली बार इकट्ठे घर से निकले थे और कोटा प्री मेडिकल की कोचिंग करने गए थे.....कालांतर में विपिन बैंक में अधिकारी बन गया और हमारी दोस्ती की नींव और मज़बूत होती चली गई लेकिन पोस्टिंग के कारण बहुत कम बार मिल पाए.....अभी इन दिनों यहीं आया हुआ है इसलिए काफ़ी दिन से सोच रहा था कि मिल कर आऊँ। आज गुड़िया के लिए टॉफ़ी, चॉक्लॉट्स ख़रीदते हुए मन में संशय सा था कि मुझे पहचानेगी भी या नहीं....... क्यूँकि पिछली बार 14 मई 2017 में इसे पहली बार मिला था, जब विपिन की पोस्टिंग जालंधर में थी। मुझे लग रहा था ये मुझे अब पहचान नहीं पाएगी क्यूँकि तब काफ़ी छोटी थी....पर आज थोड़ी देर बाद ही मुझसे हिल मिल गई और याद करने लगी ...... कि ये चाचू से तो मैं मिली हुई हूँ। बहुत प्यारी बच्ची है।.....सदा सलामत और खुशहाल रहे मेरी जान और मुझे देख कर यूँ ही चहकती रहे नन्ही गुड़िया।

-DrGurpreet Singh .....#Anvi_with_Chaachu

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