“टी -शर्ट में अच्छे लगते हो।"

 


“टी -शर्ट में...अच्छे लगते हो।" 

उसे याद आया जब एक बार बड़े प्यार से उसने उसकी ओर देख कर हौले से कहा था।


और उस वक़्त उसे लगा था जैसे उन दोनों के बीच पड़ी 'गार्लिक ब्रेड' पर किसी ने शरबत उड़ेल दिया हो।.....दरम्यां पड़ी कोल्ड कॉफी और भी मीठी हो गई हो।..... 


उसे याद आया जब वो उस से मिलने के लिए तैयार हो रहा था, कैसे उसने जल्दी जल्दी में एक पैर की जुराब उलटी पहन ली थी, .... जाने कितना परफ्यूम गर्दन पर उड़ेल लिया था, .... और कमरे से बाहर निकलते हुए कैसे उसका पैर दरवाजे से टकरा गया था.....कार चलाते हुए कैसे उसकी साँसे फूली हुई थी......और इस कैफ़े पर उस से पहले पहुँच कर उसका इंतज़ार करना उसे कितना मुश्किल लग रहा था.... जिंदगी के किसी इम्तेहान में उसकी धड़कन इतनी तेज ना हुई थी जितनी तब थी.....


उसे ये भी याद आया जब अपनी आदत से मजबूर उसने उससे वही सवाल पूछा था

"रात सो गए थे??"

और वो झुँझला कर बोल उठी थी

"कॉपी पेस्ट कर लो आंसर"

और वो चिरपरिचित अंदाज में बस 'ह्म्म्म' कह पाया था।


उसे ये भी याद आया एक बार उस पर गुस्सा करते हुए वो खुद ही बोल पड़ी थी, 

"तुम्हें मेरा सब कुछ कैसे अच्छा लगता है?? ..... कितना पेशेंस है तुम में??.... तुम्हें कुछ भी बुरा क्यों नहीं लगता मेरा?"


और उसकी इस बात पर वो बस हँस दिया था।


हैरां है वो खुद पर ......


उसे इतना कुछ कैसे याद है???


~Dr Gurpreet Singh #प्रेम_के_वो_दिन


 

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